हवा के सिपाही

छोटे-छोटे सूखे मुड़े हुए कुचले हुए पत्ते धरती पर बेजान पड़े अचानक जी उठते हैं … Read more

मुक़ाम

ज़िन्दगी तुम्हें उस मुक़ाम पर भी लायेगी
जब कोई दोपहर अकेले ही कट जायेगी
और कोई शाम चुपचाप
जब कोई नहीं होगा तुम्हारे पास
बाँटने को बोरियत
दूर करने को अकेलापन
और सुनने को बकवास
ये सब सोचकर तुम तब भी मुस्कुराओगे
क्योंकि ऐसे जज़्बातों पर जब रोना भी आता है
तो कमबख्त आँसू भी भाव खाते हैं
और अकेले में निकलने से कतराते हैं
आस-पास की बेमतलब वो सारी आवाज़ें आयेंगी
जो तुम सुनना नहीं चाहते
हाँ.. नहीं आयेगी तो बस वो आवाज़
जिसने तुम्हें इतना अकेला कर दिया है कि
अब तुम फिर किसी आवाज़ के आदी नहीं होना चाहते
क्यूंकि एक बार जब अकेले न रहने की आदत पड़ जाती है
तो फिर अकेला रहना किसी जंग लड़ने से कम नहीं लगता

ज़िन्दगी तुम्हें उस मुक़ाम पर भी लायेगी
जब कोई दोपहर अकेले ही कट जायेगी
और कोई शाम चुपचाप

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Insomnia

यूँ ही बैठा रहता हूँ बिस्तर पे देर रात तलक कि तेरी यादें उठें जायें … Read more

Pause

मैं तुम पर आता हूँ तो रुक जाता हूँ उतना ही जितना पहली दफ़ा रुका … Read more

अवशेष

इश्क़ के इतने किस्सों में भी हम पीछे ही रह गए इश्क़ आया हिस्सों में … Read more

मतभेद

मोहब्बत के इतने किस्सों में हर किस्सा मेरा अधूरा रहा कभी वो मुझसे रूठ गयी … Read more

क्या कहती हो?

तुम पूछ रही थी न कि तुम्हारे घर में वाशिंग मशीन है फिर भी खिड़की … Read more