सुकून

हम सब ख़ुदके सुकून की तलाश में टटोलते रहते हैं दूसरों के मन और दूसरे … Read more

दर्द का रहस्य

​दर्द कहीं नहीं जाता बस वहीं रहता है हाँ.. उसका अहसास नहीं होता जब कोई … Read more

रिवाज़

औरतों को आज़ादी है पसंद करने की और लेने की भी लेकिन सिर्फ़ घर के … Read more

हम अपना ग़म ठीक से कह नहीं पाएवो आकर चले गए हम अलविदा कह नहीं … Read more

मान लो

ठीक है फिर मान लो वहीं हूँ और मान लो कि आपका सिर मेरी गोद … Read more

हवा के सिपाही

छोटे-छोटे सूखे मुड़े हुए कुचले हुए पत्ते धरती पर बेजान पड़े अचानक जी उठते हैं … Read more

मुक़ाम

ज़िन्दगी तुम्हें उस मुक़ाम पर भी लायेगी
जब कोई दोपहर अकेले ही कट जायेगी
और कोई शाम चुपचाप
जब कोई नहीं होगा तुम्हारे पास
बाँटने को बोरियत
दूर करने को अकेलापन
और सुनने को बकवास
ये सब सोचकर तुम तब भी मुस्कुराओगे
क्योंकि ऐसे जज़्बातों पर जब रोना भी आता है
तो कमबख्त आँसू भी भाव खाते हैं
और अकेले में निकलने से कतराते हैं
आस-पास की बेमतलब वो सारी आवाज़ें आयेंगी
जो तुम सुनना नहीं चाहते
हाँ.. नहीं आयेगी तो बस वो आवाज़
जिसने तुम्हें इतना अकेला कर दिया है कि
अब तुम फिर किसी आवाज़ के आदी नहीं होना चाहते
क्यूंकि एक बार जब अकेले न रहने की आदत पड़ जाती है
तो फिर अकेला रहना किसी जंग लड़ने से कम नहीं लगता

ज़िन्दगी तुम्हें उस मुक़ाम पर भी लायेगी
जब कोई दोपहर अकेले ही कट जायेगी
और कोई शाम चुपचाप

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