क्या कहती हो?

तुम पूछ रही थी न
कि तुम्हारे घर में वाशिंग मशीन है
फिर भी खिड़की के पर्दे कितने गंदे हैं
तकिए का कवर भी कितना गंदा हो गया है
तेल के दाग पड़ गए हैं शायद
हाँ अब बैचलर टाइप से रहते हो तो
ऐसे रहने की आदत तो हो गई होगी
सच बताऊं तो पहले इस तरफ ध्यान ही नहीं गया कि खिड़की के पर्दे गंदे हो रहे हैं
तकिये पर तेल के दाग पड़ रहे हैं
वैसे तो तुम्हारे आने के बाद
घर की किसी भी चीज पर ध्यान ध्यान नहीं जाता
सारा तुम पर लगा रहता है
पर फिर भी अगर तुम कहती हो
तो तुम्हारे जाने के बाद
खिड़की के पर्दे
तकिए का कवर
बिस्तर का चादर
कंबल
सब धो दूँगा
और साथ में धो दूँगा
तुम से जुड़ी हुई यादें भी
ताकि वो हमेशा नई जैसी रहें
क्या कहती हो?

ये पोस्ट औरों को भेजिए -

4 thoughts on “क्या कहती हो?”

Leave a Reply to Chakresh Surya Cancel reply