Intensity

इस मर्तबा दिल ही नहीं भरोसा भी टूटा है इस मर्तबा दर्द भी ज़्यादा है … Read more

नाटक

तुम मेरे थे ही नहीं कभी और होने का नाटक करते रहे बेबाक़ी से झूठ … Read more

ग़लती

मैं… मैं ग़लतियों का पुलिंदा हूँ और ख़ुदकी की ग़लती किसे दिखती है अक्सर नहीं … Read more

Mixed Signals

मुझसे नाराज़ रहती है और बात भी करना चाहती है कैसी पागल लड़की है इश्क़ … Read more

अवशेष

इश्क़ के इतने किस्सों में भी हम पीछे ही रह गए इश्क़ आया हिस्सों में … Read more

आख़िरी दफ़ा

याद का क्या है, आते-आते जायेगी ये तुम्हारी आदत, जाते-जाते जायेगी