13 जनवरी

उस रात जैसे हैवान बैठे थे आँखों में,जिनके बोझ से ज़मीर की पलकें बंद हो गयीं … Read more

ईमेल

सुबह -सुबह एक ईमेल की दस्तक पर, जब इनबॉक्स खोला,तो देखा, बहुत सारे स्पाम भी … Read more

मिज़ाज़

पिछले दो दिनों से, जब से मैं शहर लौट कर आया हूँ, बहुत कुछ बदल … Read more

इस्तीफा

Dear Sir,पिछले कई महीनों में मैंने आपको अपनी व्यवसायिक समस्याएं व्यक्तिगत तौर पर बताने के … Read more

ऊब

आजकल लिखने का मन नहीं करता, और अगर मन होता भी है तो लिखने में … Read more