पिता

पिता यूनिवर्स की तरह हैउसके भीतर की गहराई नापनामुमकिन ही नहीं हैयूनिवर्स की तरह हीवो … Read more

विरोध के स्वर

आप अराजकता की बात करते हैं,मैं सुधार की कोशिश करता हूँ,आप शायद डरते हैं सरकार … Read more

अंतिम इच्छा

कभी खो भी जाऊँ तोमिल जाऊँगा थोड़ा-थोड़ा करकेकिसी की यादों मेंकिसी पुराने अखबार की कतरन … Read more

मिलना

सिर्फ़ आमने-सामने बैठने कोऔर बैठकर बात करने कोमिलना नहीं कहतेमिलने के लिए बहुत ज़रूरी हैआत्मसमर्पण … Read more

जाते-जाते

उसने पूछा – सीधे घर जाओगे?मैंने कहा – मेरे घर के रास्ते पे पहले मयकदा … Read more

लघु कथा – Offline

लगभग तीन दिन हुए थे, सबकुछ ठीक चल रहा था। सबकुछ से मेरा तात्पर्य है … Read more

संसार

ये पौधेये पेड़कंकड़पत्थरमाटी की बामीआसमानसब भाग रहे हैंएक बुद्ध की तलाश मेंखुद में एक-एक बुद्ध … Read more