परी है या तवायफ़

कुछ देर के भूल जाओ खुदको,आखिरी शब्द तक बस “मैं” हो जाओ, कल दोपहर हुस्न … Read more

लाइफ

नया-नया प्यार होता है, तो जिंदगी की बिंदी, नुक्ता और बड़ी इ हटकर,लाइफ बन जाती … Read more

घर

मेरे घर के सामने का मकान,वैसे तो टायर का गोदाम है,उसकी अंदरूनी दीवारें रबर की … Read more

गौरैया

शहर में आज-कल कम ही देखने को मिलती है वो,पर जाने मेरे कमरे में कहाँ … Read more

धूप

दिन की धूप कभी इतनी उबाऊ नहीं थी,जितनी आज लग रही है,धूप भी चुपचाप मेरे … Read more

लौटा दो सब कुछ !

लगभग सबकुछ लौटा चुके हो तुम,पर थोड़ा-थोड़ा कुछ बाकी है,वो थोड़ा बहुत कुछ है मेरे … Read more

चाँद और तुम

आज शाम टीवी पर देखा कि पूरनमासी का चाँद,पिछली कई पूरनमासी की रातों के मुकाबले,काफी … Read more

13 जनवरी

उस रात जैसे हैवान बैठे थे आँखों में,जिनके बोझ से ज़मीर की पलकें बंद हो गयीं … Read more