परी है या तवायफ़
कुछ देर के भूल जाओ खुदको,आखिरी शब्द तक बस “मैं” हो जाओ, कल दोपहर हुस्न … Read more
नज़्मों का घर
कुछ देर के भूल जाओ खुदको,आखिरी शब्द तक बस “मैं” हो जाओ, कल दोपहर हुस्न … Read more
लगभग सबकुछ लौटा चुके हो तुम,पर थोड़ा-थोड़ा कुछ बाकी है,वो थोड़ा बहुत कुछ है मेरे … Read more
आज शाम टीवी पर देखा कि पूरनमासी का चाँद,पिछली कई पूरनमासी की रातों के मुकाबले,काफी … Read more